Thursday, 7 June 2012

विदाई

तुम जुदा होने लगे, दिल पे उदासी छाने लगी,
पीड दिल की बूँद बनके, आँखों में आने लगी,
और ये कहने लगी, वक्त की अदा भी मुझसे,
तेरे प्यार की है हर कली अब कुम्लाने लगी |

इक वो पल थे जब तू हमारी  थी जिंदगी,
इक ये पल हैं, जब हम पे भारी है जिंदगी,
करते-करते तेरी बन्दगी, ये सिला मिला है मुझको,
फिर अजनबी से मोड़ पे, हमें ले आई है जिंदगी |

कल तुम्हे देखने को, तरसेंगी ये आँखें,
दिल से निकली आह भी यही कहेगी,
बन्दगी तो रहेगी, जब तक है दम में दम,
मगर मेरी जिंदगी में वो जिंदगी न रहेगी |

ये वक्त जो छीन कर मेरी खुशिआं,
मर के जीने की अदा मुझे सिखाएगा,
एक दिन हार जाएगा, मेरे आंसूओं से,
तब यही वक्त फिर से हमें मिलाएगा |

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